आजीविका के प्रयास
वन विश्रामागार धालभूमगढ़ अंतर्गत अवस्थित साल प्रिज़र्वेशन प्लांट की स्थापना वर्ष 2018–19 में होने के उपरांत से ही वन विभाग के वरीय पदाधिकारी (DFO) श्री सबा आलम अंसारी के सतत प्रयासों के फलस्वरूप धालभूमगढ़ प्रखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र के गाँवों में आशा की किरण दिखाई पड़ रही है।
इसकी प्रमुख वजह यह है कि साल Preservation Unit के नए भवन निर्माण के साथ ही उसमें पत्तल, दोना बनाने की आधुनिक मशीन की स्थापना की गई है, जिससे सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल क्षेत्र में रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं।
साथ ही इस क्षेत्र की महिलाओं का क्लस्टर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसमें करीब 200–300 महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनके द्वारा उत्पादित साल एवं पलाश पत्तों से निर्मित दोना-पत्तल इत्यादि का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ-साथ इस क्षेत्र को Hub के रूप में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास हो रहे हैं।
इससे काफी हद तक पलायन की समस्या से निजात मिलने की संभावना है तथा अधिक-से-अधिक रोजगार पहुँचाने का अथक प्रयास किया जा रहा है। साल, पलाश पत्तों से निर्मित सामग्रियों की बाजार में व्यापक मांग है और यह पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।
वर्तमान समय में प्लास्टिक से बने दोना, पत्तल आदि के उपयोग से हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ कृषि क्षेत्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इन्हीं सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए DFO Sir द्वारा धालभूमगढ़ के ग्रामीणों को प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ उत्पादित सामग्रियों को उचित मूल्य पर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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